

हमारे शरीर का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है। पानी केवल प्यास बुझाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शरीर के हर महत्वपूर्ण अंग के सही कामकाज के लिए आवश्यक है। जब बात हृदय स्वास्थ्य की आती है, तब पानी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अक्सर लोग खान-पान, व्यायाम और दवाओं पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन पर्याप्त पानी पीने की आदत को नजरअंदाज कर देते हैं।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धांत जैन के अनुसार, सही मात्रा में पानी पीना हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। विशेष रूप से हार्ट पेशेंट के लिए पानी का संतुलित सेवन बेहद जरूरी होता है, क्योंकि यह शरीर में रक्त संचार और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है।

दिल का मुख्य काम पूरे शरीर में रक्त पहुंचाना है। रक्त के माध्यम से ऑक्सीजन और पोषक तत्व शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचते हैं। यदि शरीर में पानी की कमी हो जाए तो रक्त अपेक्षाकृत गाढ़ा हो सकता है, जिससे हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
डॉ. सिद्धांत जैन बताते हैं कि पर्याप्त हाइड्रेशन शरीर में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। यही कारण है कि हार्ट पेशेंट के लिए पानी का महत्व सामान्य लोगों की तुलना में अधिक माना जाता है।
जी हां, पानी रक्त का एक महत्वपूर्ण घटक है। रक्त का तरल भाग, जिसे प्लाज्मा कहा जाता है, मुख्य रूप से पानी से बना होता है। जब शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा होती है तो रक्त का प्रवाह बेहतर रहता है और शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन आसानी से पहुंचती है।
हालांकि यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि केवल पानी खून को पतला कर देता है, लेकिन पर्याप्त पानी शरीर में तरल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए हार्ट पेशेंट के लिए पानी का नियमित और संतुलित सेवन लाभदायक माना जाता है।

यह सवाल अक्सर मरीज पूछते हैं। इसका उत्तर हर व्यक्ति के स्वास्थ्य, उम्र, मौसम और मेडिकल स्थिति पर निर्भर करता है।
इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सिद्धांत जैन के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में अधिकांश लोगों को प्रतिदिन लगभग 2 से 3 लीटर पानी की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन जिन मरीजों को हार्ट फेलियर, किडनी की समस्या या शरीर में सूजन की शिकायत हो, उन्हें पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेनी चाहिए।
इसलिए हार्ट पेशेंट के लिए पानी की सही मात्रा जानने के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
हर दिल के मरीज की स्थिति अलग होती है। कुछ मरीजों को सामान्य मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है, जबकि कुछ मामलों में तरल पदार्थों की मात्रा सीमित रखने की जरूरत पड़ सकती है।
यदि किसी मरीज को गंभीर हार्ट फेलियर है, तो डॉक्टर दिनभर में पानी और अन्य तरल पदार्थों की कुल मात्रा तय कर सकते हैं। वहीं सामान्य हृदय रोग वाले कई मरीज पर्याप्त पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रख सकते हैं।
डॉ. सिद्धांत जैन सलाह देते हैं कि एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीना अधिक फायदेमंद रहता है। यही कारण है कि हार्ट पेशेंट के लिए पानी का सेवन संतुलित और नियमित होना चाहिए।

पानी अकेले हार्ट अटैक को रोक नहीं सकता, लेकिन पर्याप्त हाइड्रेशन कई तरह से हृदय स्वास्थ्य को समर्थन देता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो रक्त संचार प्रभावित हो सकता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
संतुलित पानी का सेवन स्वस्थ जीवनशैली का एक हिस्सा है, जिसमें पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान से दूरी और तनाव नियंत्रण भी शामिल हैं। इसलिए यह कहना सही होगा कि हार्ट पेशेंट के लिए पानी महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे हृदय सुरक्षा का एकमात्र उपाय नहीं माना जा सकता।
कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि खाने से पहले या बाद में पानी पीना सही है या नहीं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन से लगभग 20 से 30 मिनट पहले एक गिलास पानी पीना लाभदायक हो सकता है। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और पाचन प्रक्रिया को सहायता मिलती है।
भोजन के तुरंत बाद बहुत अधिक पानी पीने से बचना चाहिए। खाने के लगभग 30 मिनट बाद सामान्य मात्रा में पानी पीना बेहतर माना जाता है। हालांकि यह नियम व्यक्ति की जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार बदल सकता है।

डॉ. सिद्धांत जैन के अनुसार, सुबह गुनगुना पानी पीना अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है। इससे शरीर को हाइड्रेशन मिलता है और दिन की शुरुआत तरोताजा तरीके से होती है।
हालांकि यह धारणा कि केवल गर्म पानी पीने से हृदय रोग पूरी तरह दूर हो जाते हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है। गुनगुना पानी पीना एक अच्छी आदत हो सकती है, लेकिन हृदय स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह का पालन करना अधिक महत्वपूर्ण है।
पानी हमारे शरीर और हृदय दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर में रक्त संचार बेहतर बना रहता है और हृदय को अपना कार्य सुचारू रूप से करने में सहायता मिलती है। इंदौर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धांत जैन के अनुसार, हार्ट पेशेंट के लिए पानी का सेवन संतुलित और डॉक्टर की सलाह के अनुसार होना चाहिए।
यदि आप हृदय रोग से पीड़ित हैं, तो अपनी मेडिकल स्थिति के अनुसार पानी की सही मात्रा के बारे में अपने हृदय रोग विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। याद रखें, स्वस्थ हृदय के लिए दवाओं के साथ-साथ सही जीवनशैली और पर्याप्त हाइड्रेशन भी बेहद महत्वपूर्ण है। हार्ट पेशेंट के लिए पानी केवल एक साधारण पेय नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।